केशरिया रंग और भगवा रंग में अंतर

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*केशरिया रंग वो रंग जिसे ओढ अनेको वीर राजपूत युद्ध में जाते थे|
भगवा रंग बस साधु सन्यासी ही धारण करते हैं|
*केशरिया रंग राज
पूताना बलिदान का प्रतीक हैं|
०भगवा रंग सन्यास धारण करने का प्रतीक हैं|
*केशरिया रंग को युगो-युगो से श्रीराम,श्रीकृष्ण,पांडवों,सम्राट विक्रमादित्य मालव,पृथ्‍वीराज चौहान,महाराणा जैसे अनेको वीर राजपूतों ने अपने ध्वज में धारण किया|
०भगवा रंग को श्रीराम ने वंन जाते समय धारण किया था या जो भी सन्यास धारण करता था वो धारण करता था|
*केशरिया ध्वज की आन-बान,शान बचाने के लिए राजपूत युगो-युगो से बलिदान देते आ रहे हैं|
०भगवा रंग केवल साधु-सन्यासी को ही भाता है और जब इन्हें कोई समस्या हो तो क्षत्रिय ही आगे आते है|
*केशरिया ध्वज उगते सूर्य और अस्त होते सूर्य की लाल छाटा है जिसकी पूजा राजपूत या और सभी सदैव नियम से करते हैं|
०भगवा रंग पहन कर तो साधु-सन्यासी भी इस सूर्य को नमन करते हैं|
*केशरिया रंग तो हमारे राष्ट्रीय ध्वज में भी है जो बलिदान का प्रतीक हैं क्योंकि सबको पता है क्षत्रियों ने बहुत बलिदान दिया है देश-धर्म के लिए|
०भगवा रंग आपको बस साधु-सन्यासी और तपस्वियों के पास ही मिलेगा
*हे क्षत्रियों आपका अपना रंग केशरिया है जिसमें आपके अनेको पूर्वजो का बलिदान शामिल रक्त शामिल है भगवा और केशरिया को एक मत करो हे क्षत्रिय तुम केशरिया बानाधारी हो|

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